Bitcoin एक नई और डिजिटल मुद्रा है। कंप्यूटर Networking पर आधारित भुगतान हेतु इसे निर्मित किया गया है। इसका विकास सातोशी नकामोतो नामक एक अभियंता ने किया है। सातोशी का यह छद्म नाम है।
मानव सभ्यता के इतिहास में किसी भी वस्तु के लेन-देन के लिए मुद्रा का चलन बहुत बाद में शुरू हुआ। फिर कई पायदानों से गुजरते हुए मौजूदा मुद्रा व्यवस्था का सृजन हुआ। आज के डिजिटल युग में अब एक वरचुअल मुद्रा यानी बिटक्वाइन का प्रचलन शुरू हो गया है। यह एक विकेंद्रीकृत और साथियों के बीच की डिजिटल मुद्रा और भुगतान का नेटवर्क है। यह पूरी तरह इस विश्वास पर कायम है कि Bitcoin की एक कीमत है। पारंपरिक मुद्राओं के उलट, यह किसी देश या बैंक से नहीं जुड़ा होता है, न ही इसका कोई भंडार (रिजर्व) होता है।
मूल्य पर नहीं, भरोसे पर आधारित
Bitcoin पूरी तरह आपसी प्रतिष्ठा पर आधारित है और इसका व्यापार Website पर होता है। यह मुद्रास्फीति के ऊपर और नीचे होने से भी मुक्त है। ब्याज दर और बाज़ार के उतार-चढ़ाव का भी इस पर असर नहीं होता है, बल्कि इसकी कीमत वितरण में आयी Bitcoin की संख्या से ही तय होती है। बिटक्वाइन के वितरण की उच्चतम संख्या 210 लाख तक रखी गयी है। सभी मुद्राओं का आधार एक तरह का सहमति-जन्य मतिभ्रम होता है। Bitcoin के इस्तेमाल के लिए तो इसकी सबसे अधिक जरूरत होती है। यह Digital टोकन पर चलने वाली मुद्रा है, जिनका वास्तव में कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं होता है। किसी केंद्रीय व्यवस्थापक पर विश्वास करने के बजाय यह सबसे अधिक भरोसे पर आधारित होता है। यह एक ऐसे ट्रांजेक्शन-लेजर पर काम करता है, जिसको मुद्रा के इस्तेमाल करने वाले संयुक्त तौर पर इसका नियंत्रण करते हैं। इस लेजर/ बही को क्रिप्टोग्राफिक तरीके से जांचा जाता है।
Bitcoin की Website के मुताबिक, Bitcoin किसी मोबाइल एप या कंप्यूटर प्रोग्राम से अधिक कुछ भी नहीं है, जो एक व्यक्तिगत बिटक्वाइन वॉलेट मुहैया कराता है। यह इस्तेमाल करने वाले को इसके तहत बिटक्वाइन भेजने और लेने में सक्षम बनाता है। Bitcoin भी लेन-देन के जरिये ही ख़रीदे जाते हैं। इस प्रक्रिया में पहले तो एक एकाउंट बनाया जाता है, फिर उस एकाउंट में फंड का ट्रांसफर किया जाता है, ताकि बिटक्वाइन ख़रीदे जा सकें। इसका लेन-देन व्यवस्था के प्रतिभागियों द्वारा लगभग शून्य भुगतान पर किया जाता है. इसमें किसी दूसरे मध्यस्थ या तीसरे भरोसेमंद पार्टी की जरूरत भी नहीं होती है. भुगतान एक बार करने के बाद वापस नहीं लिया जा सकता है. यह सार्वजनिक और स्थायी भुगतान होता है। बिटक्वाइन का गणितीय सिद्धांत परिष्कृत और श्रेष्ठ है। यह सुनिश्चित करता है कि मुद्रा का वितरण एक निश्चित दर पर ही बढ़े। यह समय के साथ धीमा पड़ता है और फिर पूरी तरह रुक भी जाता है। हालांकि, इसमें पहचान गुप्त रखी जाती है, पर सही सावधानी बरतनी पड़ती है। शायद यही वजह है कि यह कंप्यूटर निरक्षरों, अराजकतावादियों, ड्रग्स बेचने वाले और सोने के तस्करों तक में एक जैसा ही लोकप्रिय है।

 
Top