प्रेस विज्ञप्तिः-
69000 शिक्षक भर्ती के पेपर लीक के मुद्दे पर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल

18 जनवरी को होगी सुनवाई, याचिका स्वीकार होने से अभ्यर्थियों में खुशी की लहर
शिक्षक भर्ती रद्द कराने की मांग पर जिलाधिकारी कार्यालय पर हुआ प्रदर्शन
इलाहाबाद, 16 जनवरी 2019, 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले पर माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल होने एवं 18 जनवरी को सुनवाई होने की सूचना पर पूरे प्रदेश के अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। युवाओं को न्यायालय से पूरी उम्मीद है कि उनके साथ न्याय होगा। 69000 शिक्षक भर्ती के पेपर लीक मामले में युवा मंच से जुड़े अभ्यर्थियों ने आज माननीय हाई कोर्ट में युवा मंच की प्रवक्ता संगीता पाल, प्रदीप कुमार तिवारी, प्रदीप कुमार सिंह, अंकुश कुमार व अखिलेश कुमार ने याचिका दाखिल कर दी। जिसकी सुनवाई 18 जनवरी को होगी। याचिका में 6 जनवरी को आयोजित हुई परिषदीय विद्यालयों के 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में वाट्सअप, यूट्यूब व इंटनेट पर परीक्षा  शुरू होने के पूर्व प्रश्न पत्र व उत्तर कुंजी के लीक व उसके वायरल होने के पर्याप्त साक्ष्यों, प्रिंट मीडिया में प्रमुखता से आयी खबरों एवं इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी युवाओं के आंदोलन को देखते हुए तत्काल सुनवाई करने के अनुरोध को स्वीकार कर 18 जनवरी को सुनवाई का आदेश दिया है। इसमें सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, सचिव बेसिक शिक्षा एवं राज्य सरकार को पार्टी बनाया गया है। याचिका में माननीय न्यायलय से प्रार्थना की गई है कि पेपर लीक के पर्याप्त साक्ष्यों को देखते हुए इस प्रकरण की निष्पक्ष संस्था से जांच कराई जाये और परीक्षा परिणाम तभी निकाला जाये जब कि पेपर लीक के अभ्यर्थियों द्वारा लगाये गये आरोप गलत साबित हो जायें। इसकी जानकारी युवा मंच के संयोजक राजेश सचान व अध्यक्ष अनिल सिंह ने दी। उन्होंने न्यायालय के माध्यम से लड़ी जा रही कानूनी लड़ाई एवं पूरे प्रदेश में भर्तियों में धांधली के खिलाफ चल रहे आंदोलन में बढ़ चढ़ कर भागीदारी करने और तनम न धन से हर संभव सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी जीत होगी और पेपर लीक व धांधली कराने वाले गिरोह पर शिकंजा कसेगा जिसे कि योगी राज में खुली छूट मिली हुई है। याचिका स्वीकार होने की सूचना मिलते ही संगीता पाल व अन्य याचियों से कहा कि उन्हें पूरा यकीन हैं कि अभ्यर्थियों के साथ न्याय होगा। उन्होंने यूुवाओं से हर स्तर पर सहयोग करने की अपील की।  इसी मुद्दे पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज युवा मंच ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीएम प्रथम को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए युवा मंच के संयोजक राजेश सचान ने कहा कि कि यूट्यूब के आईपी https://youtu.be/0w3wiy_Tv-w पर जिसे 5 जनवरी को चंद्र मोहन पटले द्वारा लोड किया गया है में उत्तर कुंजी की चारों सेरीज उपलब्ध हैं, यह उत्तर कुंजी की वही सेरीज हैं जो कि परीक्षा पूर्व वाट्सअप पर वायरल हुई थी। इसी वाट्सअप में वायरल उत्तरकुंजी की जिये टैग फोटोग्राफ जिसे परीक्षा पूर्व लिया गया था, जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। इस साक्ष्यों की अगर निष्पक्ष जांच करा ली जाये तो पेपर लीक आसानी से साबित हो जायेगा। लेकिन पेपर लीक से जुड़े नकल माफियाओं पर कोई कार्यवाही योगी सरकार द्वारा न किये जाने से युवाओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि विस्फोटक हो रही बेरोजगारी संकट की पृष्ठभूमि में भर्तियों में धांधली भी बढ़ रही है और नकल माफिया तंत्र फल फूल रहा है। भाजपा शासित राज्यों द्वारा इन नकल माफियाओं को खुली छूट देने से इनके राज्यों में व्यापम जैसे घोटाले हो रहे हैं। युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग को दोहराते हुए कहा कि पेपर लीक के इतने स्पष्ट साक्ष्यों के बाद भी अगर जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही नहीं हुई और परीक्षा निरस्त कर पुनर्परीक्षा नहीं कराई गई तो युवाओं का विश्वास ही चयन संस्थाओं से उठ जायेगा। युवा मंच की संगीता पाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं और सरकार द्वारा कोई कार्यवाही भी नहीं की जा रही है जिससे युवा कुंठित हो रहे हैं। यूपी टेट मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने कहा कि अगर बिना जांच कराये ही 22 जनवरी को 69000 शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित कर दिया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

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